Tuesday, January 23, 2018

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हर बात पे अब बात नहीं की जाती
बात ये है के अब बात नहीं की जाती
 

सुनते हैं उसको भी चुपचाप देखा लोगों ने
और हमसे भी कोई बात नहीं की जाती

जिस तरफ़ देखिए बस बात का तमाशा है
बात करने को कहीं बात नहीं की जाती

आप और उन से गिला कोई नहीं है हमको
हमसे ख़ुद से ही मगर बात नहीं की जाती


एक वो दौर था के रात भी पूरी ना पड़ी
एक ये दिन के जहाँ बात नहीं की जाती

 
इस तरफ़ मौत है , भूख है, जहालत है
उस तरफ़ लोग है पर बात नहीं की जाती

इस शहर में हैं अंजुमन ओ दौर बहुत
गले मिलते हैं फ़क़त बात नहीं की जाती

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